वो प्यार तो करती है

पर जताती नहीं

बात करने का मन तो है

पर बताती नहीं

डरती है दुनिया से या

शायद खुद से

बैठी रहती है सामने पर

नज़रें मिलाती नहीं

उसकी आवाज़ सुनने को

बेचैन हो रहा हूँ

खुली हैं मेरी आँखे पर

उसकी यादों में सो रहा हूँ

पता नहीं वो सच में दूर है

या दूरियाँ जता रही है

या सताने की आदत है उसकी

शायद इसलिए सता रही है

Leave a comment